देवउठनी ग्यारस
शुक्र, 20 नव॰
|Virtual Event
चार महीने के विश्राम के बाद आज जागेंगे भगवान विष्णु… गूंजेंगे मंगलगीत, सजेगा आंगन और शुरू होंगे शुभ कार्य। देवउठनी ग्यारस लेकर आएगी नई शुरुआत और मंगलमय जीवन का संदेश।


समय और स्थान
20 नव॰ 2026, 7:00 am – 11:00 pm IST
Virtual Event
इवेंट के बारे में
देवउठनी ग्यारस, जिसे देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ शुभ एवं मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं। घर-आंगन में रंगोली सजाई जाती है, दीप जलाए जाते हैं और भगवान के जागरण की खुशी में मंगलगीत गाए जाते हैं। यह पर्व नई उम्मीद, शुभ शुरुआत और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
देवउठनी ग्यारस हमें विश्वास दिलाती है कि हर ठहराव के बाद एक नई शुरुआत होती है और हर अंधकार के बाद प्रकाश जरूर आता है।

